७.CHARTERED ACCOUNTANT से सफल फिल्म संगीतकार-भरद्वाज
१९९७ में मेरे मित्र डॉ.बशीर ने बताया की आज शाम हमें फिल्म संगीतकार भारद्वाज जी से मिलने उनके घर जाना है.डॉ.बशीर वर्ष १९८९ से मेरे परम मित्र हैं और बहुत सारी फिल्मी हस्तिओं से हम दोनों साथ साथ मिले डॉ.बशीर वैसे तो तेलुगु भाषी हैं लेकिन तमिल,उर्दू,हिंदी और अंग्रेजी के अच्छे विद्वान हैं और बहुत अच्छे कवि भी.मैं डॉ.बशीर के साथ शाम को जब मैं भरद्वाज जी से मिला तो एक पल के लिए यह सोच भी नहीं पाया कि वे हिंदीतर भाषी हैं.नाम हिंदी क्षेत्र का,चेहरा मोहरा उत्तर भारतीय और उर्दू हिंदी मिश्रित बोलने का लहजा.वे ग़ज़ल पसंद करते हैं शेरो-शायरी के शौकीन हैं.जब यह मालुम हुआ कि वे सी.ए हैं.....और आश्चर्य......और ऊपर से मालुम हुआ कि संगीत निर्देशक हैं तो महा आश्चर्य.उन्होंने बड़ी आत्मीयता से हमें चाय पिलाया,कुछ शेर सुनाये कुछ शेर हम लोगों से सुने.मिलते रहने को कहा.१९९८ में जब उनकी पहली तमिल फिल्म "कादल मन्नन" का प्रीव्यू शो आयोजित हुआ तो मुझे और डॉ.बशीर को भी आमंत्रित किया.आगे चल कर उनका हिट गीत "ओ पोड" लोगों की जुबां पर चढ़ गया.आज वे सफल संगीतकार हैं.
ईश्वर करुण,
चेन्नई.

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